निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल योजना (Free Motorized Tricycle Scheme for Persons with Disabilities) – उत्तर प्रदेश
निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल योजना” उत्तर प्रदेश सरकार की एक सराहनीय पहल है, जो दिव्यांगजनों के जीवन को सरल और स्वतंत्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। यदि आप या आपका कोई जानने वाला इस योजना के पात्र हैं, तो जल्द ही आवेदन करें और इस सुविधा का लाभ उठाए।
निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल योजना
क्या है यह योजना ?
निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 2020 में शुरू की गई एक कल्याणकारी पहल है जिसे विकलांगजन सशक्तिकरण विभाग (Department of Empowerment of Persons with Disabilities) द्वारा संचालित किया जाता है। इस योजना का उद्देश्य शारीरिक अक्षमता के कारण गतिशीलता में चुनौतियों का सामना कर रहे व्यक्तियों को मुफ्त मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान करना है। यह योजना दिव्यांगजनों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने व उनकी स्वतंत्रता बढ़ाने और दैनिक जीवन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन की गई है। योजना के तहत अधिकतम ₹25,000 तक की सहायता प्रदान की जाती है जो ट्राइ साइकिल की वास्तविक लागत या इस राशि में से जो भी कम हो वह दी जाती है जिससे दिव्यांग लोगों को कही भी आना जाना हो जैसे स्कूल कॉलेज या चाहे फिर कोई घर का काम हो या बाहर का उनको किसी के ऊपर आश्रित न रहना पड़े ।
नाम: निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल योजना (Free Motorized Tricycle Scheme for Persons with Disabilities)
विभाग : विकलांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार
लक्षित लाभार्थी: 80% या उससे अधिक लोकोमोटर विकलांगता वाले व्यक्ति, जो सामाजिक एकीकरण में कठिनाइयों का सामना करते हैं।
सहायता राशि: ट्राइसाइकिल की वास्तविक लागत या ₹25,000 (जो भी कम हो)।
उद्देश्य: गतिशीलता में सुधार, स्वतंत्रता बढ़ाना, और आर्थिक व सामाजिक पुनर्वास को बढ़ावा देना।
आवेदन मोड: ऑनलाइन और ऑफलाइन (जिला विकलांगजन सशक्तिकरण अधिकारी कार्यालय)
लागू क्षेत्र: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र
इस योजना का मुख्य काम क्या है ?
- गतिशीलता में सुधार शारीरिक अक्षमता के कारण गतिशीलता में बाधा का सामना करने वाले व्यक्तियों को आसान परिवहन समाधान प्रदान करना।
- स्वतंत्रता और सशक्तिकरण: दिव्यांगजनों को स्वतंत्र रूप से यात्रा करने और सार्वजनिक परिवहन पर निर्भरता कम करने में सक्षम बनाना।
- सामाजिक समावेशन: सामाजिक बहिष्कार को कम करना और समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना।
- आर्थिक पुनर्वास: शिक्षा, रोजगार, और अन्य आर्थिक गतिविधियों तक पहुंच को सुगम बनाकर आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना।
- सुलभता: मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल के माध्यम से बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच को आसान बनाना।
इसका लाभ लेने के किए क्या मानक है ?
- आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए
- आवेदक की आयु 16 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- आवेदक को कम से कम 80% लोकोमोटर विकलांगता (निचले अंगों को प्रभावित करने वाली) होनी चाहिए, जिसे जिला मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) द्वारा प्रमाणित किया गया हो।
- पात्र स्थिति में शामिल हैं: मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, स्ट्रोक, सेरेब्रल पाल्सी, हेमोफीलिया, या अन्य गंभीर लोकोमोटर अक्षमताएं।
- आवेदक के पास ट्राइसाइकिल संचालित करने के लिए अच्छी दृष्टि, मानसिक क्षमता, और पर्याप्त ऊपरी शरीर की ताकत होनी चाहिए।
- परिवार की वार्षिक आय सभी स्रोतों से ₹1,50,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- आवेदक ने भारत सरकार, स्थानीय निकाय, विधायक निधि, MPLADS, या अन्य सरकारी/सरकारी वित्त पोषित स्रोतों से पहले मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल का लाभ नहीं लिया होना चाहिए।
- प्रत्येक पात्र व्यक्ति जीवनकाल में केवल एक बार इस योजना का लाभ उठा सकता है।
इस योजना से आपको क्या लाभ मिल सकता हैं?
- मुफ्त मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल पात्र व्यक्तियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मुफ्त प्रदान की जाती है जिसकी लागत ₹25,000 तक सरकार वहन करती है। यदि लागत इससे अधिक है तो अतिरिक्त राशि लाभार्थी को वहन करनी होगी।
- स्वतंत्र गतिशीलता मिल पाती है ट्राइसाइकिल से लाभार्थी बिना सहायता के यात्रा कर सकते हैं जिससे सार्वजनिक परिवहन पर निर्भरता कम होती है।
- आर्थिक सशक्तिकरण की आजादी शिक्षा,रोजगार और अन्य आर्थिक गतिविधियों तक पहुंच आसान होती है जिससे आत्मनिर्भरता बढ़ती है।
- सामाजिक समावेशन व सामाजिक गतिविधियों और समुदाय में भागीदारी को बढ़ावा मिलता है।
- जीवन की गुणवत्ता मे सुधार होता है दैनिक जीवन में सुविधा और सम्मानजनक जीवन जीने की क्षमता में सुधार हो पता है ।
- उत्पाद की गुणवत्ता ट्राइसाइकिलें जैसे कि ALIMCO (Artificial Limbs Manufacturing Corporation of India) द्वारा निर्मित जो लंबी दूरी और स्थायित्व के लिए डिज़ाइन की गई हैं।
जानिए आप इसे कैसे भर सकते है
आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है।
1-आधिकारिक पोर्टल पर जाएं
- वेबसाइट: https://hwd.uphq.in (विकलांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश)
2-योजना का चयन
- होमपेज पर “Free Motorized Tricycle Scheme” या “Divyang Motorized Tricycle Distribution Scheme” विकल्प पर क्लिक करें।
3-आवेदन पत्र भरें
- व्यक्तिगत विवरण: नाम, पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर
- विकलांगता विवरण: CMO द्वारा जारी प्रमाण पत्र की जानकारी
- आय विवरण: आय प्रमाण पत्र
- बैंक विवरण: आधार से लिंक्ड बैंक खाता संख्या और IFSC कोड
4-दस्तावेज अपलोड करें
- नीचे सूचीबद्ध दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
5-बायोमेट्रिक सत्यापन
- आवेदन जमा करने के बाद, नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर बायोमेट्रिक सत्यापन कराएं।
6-आवेदन जमा करें
- सभी जानकारी जांचने के बाद, नियम और शर्तें स्वीकार करें और फॉर्म सबमिट करें।
- आपको एक आवेदन संदर्भ संख्या प्राप्त होगी, जिससे आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है।
7-सत्यापन और वितरण
- आवेदन की जांच जिला विकलांगजन सशक्तिकरण अधिकारी द्वारा की जाती है।
- स्वीकृति के बाद, ट्राइसाइकिल का वितरण विधानसभावार कैंपों या जिला कार्यालयों में किया जाता है।
ऑफलाइन आवेदन
1-आवेदन पत्र प्राप्त करें
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- फॉर्म जिला विकलांगजन सशक्तिकरण अधिकारी कार्यालय, विकास भवन, या तहसील कार्यालय से निःशुल्क प्राप्त करें।
- वैकल्पिक रूप से, https://hwd.uphq.in से डाउनलोड करें।
2-फॉर्म भरें
- व्यक्तिगत, विकलांगता, आय, और बैंक विवरण सटीक रूप से भरें।
3-दस्तावेज संलग्न करें
- आवश्यक दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियां संलग्न करें।
4-जमा करें
- फॉर्म और दस्तावेज जिला विकलांगजन सशक्तिकरण अधिकारी कार्यालय या विकास भवन में जमा करें।
5-सत्यापन और वितरण
- स्थानीय जांच के बाद, स्वीकृत लाभार्थियों को ट्राइसाइकिल वितरित की जाती है।
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक हैं (सभी स्व-प्रमाणित होना चाहिए )
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- विकलांगता प्रमाण पत्र: जिला मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) द्वारा जारी, जिसमें 80% या अधिक विकलांगता दर्ज हो।
- निवास प्रमाण: राशन कार्ड, वोटर आईडी, बिजली बिल, या डोमिसाइल सर्टिफिकेट।
- आय प्रमाण पत्र: परिवार की वार्षिक आय ₹1,50,000 से कम दर्शाने वाला।
- आधार कार्ड
- जाति प्रमाण पत्र
- शैक्षिक प्रमाण पत्र: छात्रों के लिए अनिवार्य (जैसे हाई स्कूल/इंटरमीडिएट मार्कशीट)।
- बैंक पासबुक: आधार से लिंक्ड खाते की फोटोकॉपी।
- अन्य: यदि कोई अतिरिक्त प्रमाण पत्र आवश्यक हो (जैसे स्व-घोषणा पत्र कि पहले ट्राइसाइकिल का लाभ नहीं लिया गया)।
निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल योजना (Free Motorized Tricycle Scheme for Persons with Disabilities) – उत्तर प्रदेश योजना की विशेषताएं
- मुफ्त सहायता: ट्राइसाइकिल की लागत ₹25,000 तक सरकार द्वारा वहन की जाती है, जिससे यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए सुलभ है।
- उच्च विकलांगता मानदंड: 80% या अधिक विकलांगता वाले व्यक्तियों पर फोकस, जो गतिशीलता में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
- एकमुश्त लाभ: प्रत्येक लाभार्थी केवल एक बार लाभ ले सकता है, जिससे अधिक लोगों को अवसर मिले।
- पारदर्शी प्रक्रिया: ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन, स्थिति जांच, और वितरण प्रक्रिया पारदर्शी है।
- प्राथमिकता: हाई स्कूल या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के दिव्यांग छात्रों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
- कैंप आधारित वितरण: विधानसभावार कैंप आयोजित किए जाते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच आसान हो।
- सामाजिक प्रभाव: योजना ने हजारों दिव्यांगजनों को लाभान्वित किया है, जैसे कि 2020 में एक साथ 900 लोगों को ट्राइसाइकिल प्रदान की गई थी।
अभी आवेदन करें– https://hwd.uphq.in यहा से।
उत्तर प्रदेश में कार्यान्वयन
- विभाग: विकलांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश।
- संपर्क कार्यालय:
- जिला विकलांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, विकास भवन (उदाहरण: इटावा, गाजियाबाद)।
- निदेशक, विकलांगजन सशक्तिकरण निदेशालय, 9वीं मंजिल, इंदिरा भवन, अशोक मार्ग, लखनऊ (पिन: 226001)।
- हेल्पलाइन:
- टोल-फ्री: 1800-180-1995 (विकलांगजन योजनाओं के लिए)
- संपर्क: 0522-2287267
♦ अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट https://hwd.uphq.in (विकलांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश) पर संपर्क करे ।

