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Priyank Panchal:एक प्रेरणादायक क्रिकेटर की कहानी

Priyank Panchal

Priyank Panchal: The story of an inspirational cricketer

 

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

प्रियांक किरीटभाई पांचाल का जन्म 9 अप्रैल 1990 को अहमदाबाद, गुजरात में हुआ था। उनका बचपन अहमदाबाद में ही बीता जहां उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा संकल्प इंटरनेशनल स्कूल से पूरी की। पढ़ाई में अच्छे होने के बावजूद, प्रियांक का क्रिकेट के प्रति रुझान उनके पिता किरीटभाई पांचाल के कारण बढ़ा, जो स्वयं कॉलेज स्तर के क्रिकेटर थे। किरीटभाई ने प्रियांक को क्रिकेट के लिए प्रेरित किया और उनकी फिटनेस के लिए सख्त डाइट और प्रशिक्षण का ध्यान रखा। प्रियांक ने अपनी स्नातक की पढ़ाई एच.ए. कॉलेज ऑफ कॉमर्स, अहमदाबाद से पूरी की।

प्रियांक के जीवन में एक दुखद घटना तब घटी जब वह मात्र 15 वर्ष के थे। उनके पिता का हृदयाघात के कारण निधन हो गया। इस नुकसान ने प्रियांक को गहरा आघात पहुंचाया, लेकिन उन्होंने अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए क्रिकेट को और गंभीरता से लिया। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा, “मेरे पिता को क्रिकेट बहुत पसंद था। उनकी अनुपस्थिति ने मुझे और मजबूत बनाया। अगर वह आज जीवित होते, तो मुझे इस स्तर पर पहुंचकर और गुजरात के लिए इतने रन बनाकर गर्व महसूस होता।”

Priyank Panchal की कैसे हुई क्रिकेट करियर की शुरुआत

प्रियांक ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत 2003-04 में पॉली उमरीगर ट्रॉफी में अंडर-15 स्तर पर की। उन्होंने दो सीजन तक अंडर-15 में खेला और फिर 2005-06 में विजय मर्चेंट ट्रॉफी में अंडर-17 टीम के लिए खेलते हुए एक शतक बनाया। अगले सीजन में, उन्होंने सीमित ओवरों और तीन दिवसीय प्रारूपों में हिस्सा लिया।

27 फरवरी 2008 को, प्रियांक ने विजय हजारे ट्रॉफी में महाराष्ट्र के खिलाफ गुजरात के लिए लिस्ट-ए डेब्यू किया। इस मैच में उन्होंने 115 गेंदों में 123 रन बनाए, जिसमें 17 चौके और 1 छक्का शामिल था। यह उनके करियर का एक शानदार आगाज था। अगले सीजन में, उन्होंने 2008 में रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र के खिलाफ प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू किया, जिसमें गुजरात ने एक पारी के अंतर से जीत हासिल की।

Priyank Panchal का रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन रहा

प्रियांक पांचाल का नाम रणजी ट्रॉफी में उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है। 2016-17 का रणजी ट्रॉफी सीजन उनके करियर का स्वर्णिम दौर था। इस सीजन में, उन्होंने न केवल गुजरात को पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब दिलाया, बल्कि 10 मैचों की 17 पारियों में 1310 रन बनाकर टूर्नामेंट के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। इस दौरान, उन्होंने पंजाब के खिलाफ 314 रन की ऐतिहासिक पारी खेली, जो गुजरात के लिए पहला तिहरा शतक था। यह स्कोर किसी भी बल्लेबाज द्वारा एक रणजी सीजन में दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था, केवल वीवीएस लक्ष्मण के 1415 रनों से पीछे।

2017-18 रणजी ट्रॉफी में, उन्होंने 7 मैचों में 542 रन बनाए और गुजरात के लिए फिर से सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। 2018-19 रणजी ट्रॉफी के ग्रुप स्टेज में, उन्होंने 9 मैचों में 898 रन बनाए, जिसमें उनकी निरंतरता और तकनीकी कौशल स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

विजय हजारे और दलीप ट्रॉफी में योगदान

विजय हजारे ट्रॉफी में भी प्रियांक का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। 2018-19 सीजन में, उन्होंने 8 मैचों में 367 रन बनाए, जो गुजरात के लिए सर्वाधिक था। दलीप ट्रॉफी में, उन्हें 2018-19 में इंडिया ग्रीन और 2019-20 में इंडिया रेड की कप्तानी करने का मौका मिला। 2023 में देओधर ट्रॉफी में, उन्होंने 99* रनों की नाबाद पारी खेलकर वेस्ट जोन को नॉर्थ ईस्ट के खिलाफ जीत दिलाई।

कब-कब इंडिया-A और अंतरराष्ट्रीय मौके खेलने का मौका मिला

प्रियांक ने इंडिया-ए के लिए कई शानदार पारियां खेलीं। 2019 में, उन्होंने श्रीलंका-ए के खिलाफ 160 रन और वेस्टइंडीज-ए के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन में 58 और 68 रनों की पारियां खेलीं, जिसके लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। 2020 में, न्यूजीलैंड-ए के खिलाफ उन्होंने क्राइस्टचर्च में एक शतक बनाया।

2021 में, प्रियांक को दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में रोहित शर्मा के चोटिल होने के कारण तीसरे सलामी बल्लेबाज के रूप में शामिल किया गया। हालांकि, मयंक अग्रवाल और केएल राहुल के होने के कारण उन्हें डेब्यू का मौका नहीं मिला। इसके पहले, वह 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में रिजर्व खिलाड़ी के रूप में शामिल थे।

अब Priyank Panchal का क्रिकेट से संन्यास

26 मई 2025 को प्रियांक पांचाल ने सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की। अपने 17 साल के करियर में उन्होंने 127 प्रथम श्रेणी मैचों में 8856 रन बनाए, जिसमें 29 शतक और 34 अर्धशतक शामिल थे, जिसमे उनका औसत 45.18 रहा। वह गुजरात के लिए सबसे ज्यादा शतक (23) बनाने वाले खिलाड़ी बने और प्रथम श्रेणी रनों में पार्थिव पटेल (7011 रन) के बाद दूसरे स्थान पर रहे। अपने अंतिम रणजी सीजन (2024-25) में उन्होंने केरल के खिलाफ सेमीफाइनल में 148 रन बनाए जो उनकी आखिरी पारी थी।

संन्यास की घोषणा करते हुए, उन्होंने ESPNcricinfo को बताया “भारत के लिए खेलना मेरा अंतिम सपना था, लेकिन मुझे एहसास हुआ कि वह मौका शायद मेरे हाथ से निकल गया। एक बार यह स्पष्टता मिल गई, तो आगे खेलने का कोई मतलब नहीं था। मैं एक-दो सीजन और खेल सकता था, लेकिन इससे क्या हासिल होता?”

Priyank Panchal का व्यक्तिगत जीवन

प्रियांक की बड़ी बहन बृंदा पांचाल एक फैशन डिजाइनर हैं। उनकी मां का नाम अज्ञात है। वह अहमदाबाद में इनकम टैक्स ऑफिस में टैक्स असिस्टेंट के रूप में भी काम करती है ।

Priyank Panchal के क्रिकेट के आंकड़े

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