राजा हरिश्चंद्र श्रमिक मृतक अंत्येष्टि सहायता योजना (Raja Harishchandra Shramik Mratak Antyeshti Sahayata Yojana) – उत्तर प्रदेश
राजा हरिश्चंद्र श्रमिक मृतक अंत्येष्टि सहायता योजना उत्तर प्रदेश के पंजीकृत श्रमिकों के परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सहायता योजना है, जो उनके सबसे कठिन समय में आर्थिक और सामाजिक सहारा प्रदान करती है। ₹10,000 की एकमुश्त सहायता, ऑनलाइन आवेदन प्रणाली, और DBT ने इस योजना को पारदर्शी और प्रभावी बनाया है।
श्रमिक परिवारों के लिए अंतिम संस्कार सहायता जानिए इस योजना के बारे मे
राजा हरिश्चंद्र श्रमिक मृतक अंत्येष्टि सहायता योजना (Raja Harishchandra Shramik Mratak Antyeshti Sahayata Yojana) – उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक कल्याणकारी योजना है, जिसे श्रम विभाग, उत्तर प्रदेश और उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित किया जाता है। इस योजना का उद्देश्य पंजीकृत श्रमिकों के आकस्मिक निधन पर उनके परिवार को अंतिम संस्कार के लिए तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करना है। यह योजना श्रमिक परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करती है और उनके कठिन समय में सहारा प्रदान करती है। योजना के तहत ₹10,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जो डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाती है।
योजना का अवलोकन
- नाम: राजा हरिश्चंद्र श्रमिक मृतक अंत्येष्टि सहायता योजना
- प्रशासक: श्रम विभाग, उत्तर प्रदेश और उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड
- लक्षित लाभार्थी: पंजीकृत श्रमिकों के परिवार, जिनका निधन ड्यूटी के दौरान या अन्य कारणों से हुआ हो।
- सहायता राशि: ₹10,000 (एकमुश्त, अंतिम संस्कार के लिए)
- उद्देश्य: श्रमिक के निधन पर परिवार को अंतिम संस्कार के खर्चों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना।
- आवेदन मोड: ऑनलाइन और ऑफलाइन (जिला श्रम कार्यालय)
- लागू क्षेत्र: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र
इस योजना का मुख्य लक्ष्य क्या है ?
- वित्तीय सहायता: श्रमिक के निधन पर परिवार को अंतिम संस्कार के खर्चों के लिए तत्काल आर्थिक मदद प्रदान करना।
- आर्थिक बोझ में कमी: गरीब श्रमिक परिवारों पर अंतिम संस्कार के खर्चों का बोझ कम करना।
- सामाजिक सुरक्षा: श्रमिक परिवारों को कठिन समय में सामाजिक और वित्तीय सहायता प्रदान करना।
- पारदर्शिता: ऑनलाइन आवेदन और DBT के माध्यम से सहायता का पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त वितरण सुनिश्चित करना।
- श्रमिक कल्याण: पंजीकृत श्रमिकों के परिवारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाना।
जानिए कौन पात्र हो सकता है ?
1- श्रमिक की स्थिति
- मृतक श्रमिक को उत्तर प्रदेश में किसी पंजीकृत फैक्ट्री, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, या दुकान में कार्यरत होना चाहिए।
- श्रमिक का पंजीकरण उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड या श्रम विभाग के तहत होना चाहिए।
2- आय सीमा
- मृतक श्रमिक का मासिक वेतन (बेसिक वेतन + महंगाई भत्ता) रू 24000/- से अधिक नहीं होना चाहिए।
3- आवेदक
- सहायता राशि निम्नलिखित व्यक्तियों को देय होगी:
- मृतक श्रमिक का जीवनसाथी (पति/पत्नी)
- आश्रित (पुत्र/अविवाहित पुत्री)
- माता/पिता (यदि श्रमिक अविवाहित था)
4- आवेदन समय सीमा
- श्रमिक की मृत्यु की तारीख से 1 वर्ष के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है।
5- निवास
- आवेदक और मृतक श्रमिक उत्तर प्रदेश के निवासी होने चाहिए।
6- अन्य
- मृत्यु किसी भी कारण से हो सकती है (प्राकृतिक, दुर्घटना, या अन्य), लेकिन यह योजना विशेष रूप से पंजीकृत श्रमिकों के लिए है।
जानिए इस योजना का लाभ
- वित्तीय सहायता: ₹10,000 की एकमुश्त राशि अंतिम संस्कार के खर्चों के लिए प्रदान की जाती है, जो DBT के माध्यम से लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में जमा की जाती है।
- तत्काल राहत: परिवार को श्रमिक के निधन के बाद तुरंत आर्थिक सहायता मिलती है, जिससे अंतिम संस्कार की व्यवस्था में आसानी होती है।
- सामाजिक सहायता: यह योजना श्रमिक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मान प्रदान करती है।
- पारदर्शी प्रक्रिया: ऑनलाइन पोर्टल और DBT के माध्यम से सहायता का वितरण भ्रष्टाचार-मुक्त और तेज होता है।
- श्रमिक कल्याण: यह योजना श्रमिकों और उनके परिवारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती है।
जानिए कैसे आवेदन करना है ?
आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है।
ऑनलाइन आवेदन
1-आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं:
- वेबसाइट: https://skpuplabour.in (उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद)
- वैकल्पिक रूप से, myScheme पोर्टल पर योजना की जानकारी और आवेदन लिंक उपलब्ध है।
2-योजना का चयन:
- होमपेज पर “Shramik Application” या “Raja Harishchandra Shramik Mrityu Antim Sanskar Sahayata Yojana” विकल्प पर क्लिक करें।
3-आवेदन पत्र भरें:
- निम्नलिखित विवरण दर्ज करें:
- मृतक श्रमिक का विवरण: नाम, पंजीकरण संख्या, मृत्यु तिथि
- आवेदक का विवरण: नाम, आधार नंबर, संबंध (जीवनसाथी/आश्रित/माता-पिता)
- बैंक विवरण: आधार से लिंक्ड बैंक खाता संख्या, IFSC कोड
4-दस्तावेज अपलोड करें:
- आवश्यक दस्तावेजों (नीचे सूचीबद्ध) की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
5-आवेदन जमा करें:
- सभी जानकारी जांचने के बाद फॉर्म सबमिट करें।
- आपको एक आवेदन संदर्भ संख्या प्राप्त होगी, जिससे आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है।
6-सत्यापन और वितरण:
- आवेदन की जांच जिला श्रम कार्यालय या कल्याण बोर्ड द्वारा की जाती है।
- स्वीकृति के बाद, ₹10,000 की राशि DBT के माध्यम से लाभार्थी के खाते में जमा की जाती है।
ऑफलाइन आवेदन
1-आवेदन पत्र प्राप्त करें:
- फॉर्म जिला श्रम कार्यालय, उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड कार्यालय, या विकास भवन से निःशुल्क प्राप्त करें।
- वैकल्पिक रूप से, फॉर्म https://skpuplabour.in से डाउनलोड करें।
2-फॉर्म भरें:
- मृतक श्रमिक, आवेदक, और बैंक विवरण सटीक रूप से भरें।
3-दस्तावेज संलग्न करें:
- आवश्यक दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियां संलग्न करें।
4-जमा करें:
- फॉर्म और दस्तावेज जिला श्रम कार्यालय या कल्याण बोर्ड कार्यालय में जमा करें।
5-सत्यापन और वितरण:
- स्थानीय जांच के बाद, स्वीकृत लाभार्थियों को सहायता राशि DBT के माध्यम से प्रदान की जाती है।
कौन से दस्तावेज चाहिए
आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक हैं (सभी स्व-प्रमाणित हो )
आवेदक का
- आधार कार्ड
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- निवास प्रमाण (राशन कार्ड, वोटर आईडी, बिजली बिल)
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी (आधार से लिंक्ड)
मृतक श्रमिक का
- मृत्यु प्रमाण पत्र
- श्रमिक पंजीकरण प्रमाण पत्र (कल्याण बोर्ड या श्रम विभाग से)
- आधार कार्ड
अन्य:
- मृतक के साथ संबंध प्रमाण (विवाह प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, या अन्य)
- स्व-घोषणा पत्र (यह पुष्टि करने के लिए कि आवेदक पात्र है और अन्य सहायता नहीं ले रहा)।
इस योजना की विशेषताएं
- तत्काल सहायता: ₹10,000 की राशि अंतिम संस्कार के लिए तुरंत राहत प्रदान करती है।
- लक्षित कवरेज: पंजीकृत श्रमिकों, विशेष रूप से फैक्ट्री एक्ट, 1948 के तहत पंजीकृत प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रमिकों के लिए।
- पारदर्शी प्रणाली: ऑनलाइन पोर्टल और DBT के माध्यम से सहायता का तेज और पारदर्शी वितरण।
- सामाजिक प्रभाव: यह योजना गरीब श्रमिक परिवारों को सम्मानजनक अंतिम संस्कार की सुविधा देती है।
- सीमित आय मानदंड: ₹24000 से कम मासिक वेतन वाले श्रमिकों को लक्षित करके योजना जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचती है।
इस योजना की क्या-क्या चुनौतियां हो सकती है
- जागरूकता की कमी: ग्रामीण क्षेत्रों में कई श्रमिक परिवारों को योजना की जानकारी नहीं होती।
- आवेदन समय सीमा: मृत्यु के 1 वर्ष के भीतर आवेदन की अनिवार्यता के बारे में जागरूकता की कमी हो सकती है।
- दस्तावेजों की जटिलता: श्रमिक पंजीकरण प्रमाण और वेतन प्रमाण पत्र प्राप्त करना कुछ परिवारों के लिए मुश्किल हो सकता है।
- सत्यापन में देरी: जांच और स्वीकृति प्रक्रिया में कभी-कभी समय लग सकता है।
- सीमित राशि: ₹10,000 की राशि कुछ मामलों में अंतिम संस्कार के पूर्ण खर्च को कवर करने के लिए अपर्याप्त हो सकती है।
उत्तर प्रदेश में कार्यान्वयन
- विभाग: श्रम विभाग, उत्तर प्रदेश और उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड।
- संपर्क कार्यालय:
- जिला श्रम कार्यालय (उदाहरण: लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद)
- उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड, लखनऊ
- हेल्पलाइन:
- टोल-फ्री: 1800-180-5412 (श्रम विभाग, उत्तर प्रदेश)
- संपर्क: जिला श्रम कार्यालय के स्थानीय नंबर
♦ अधिक जानकारी के लिए https://skpuplabour.in (श्रम कल्याण परिषद द्वारा संचालित) पर विजिट करे ।

