छठ पर्व पर बनाई जाने वाली गुड़ वाली खीर सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि श्रद्धा और पवित्रता का प्रतीक होती है। यह खीर सूर्य देव और छठी मइया को अर्पित की जाती है और “अर्घ्य” (सूर्य को अर्पण) के बाद प्रसाद के रूप में बाँटी जाती है।
यहाँ जानिए इसके महत्व, सामग्री और बनाने की विधि 👇
🌞 छठ पर्व पर गुड़ वाली खीर का महत्व
- छठ व्रत में सात्विक भोजन का विशेष ध्यान रखा जाता है।
- गुड़ (जग्गरी) को शुद्ध और प्राकृतिक मिठास का प्रतीक माना जाता है, जो शरीर को ऊर्जा देता है।
- यह खीर कांसे या मिट्टी के बर्तन में पकाई जाती है, ताकि उसमें शुद्धता और पारंपरिक स्वाद बना रहे।
- इसे अरवा चावल और देसी गाय के दूध से बनाया जाता है, जो व्रत की पवित्रता दर्शाता है।
आवश्यक सामग्री (Ingredients):
- अरवा चावल – ½ कप
- दूध – 1 लीटर
- गुड़ (कुटा हुआ) – ½ कप (स्वादानुसार)
- घी – 1 छोटा चम्मच
- काजू, बादाम, किशमिश – थोड़ी मात्रा
- इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच

बनाने की विधि (Traditional Recipe):
- पहले चावल को धोकर 15-20 मिनट तक भिगो दें।
- एक पैन या देगची में दूध को उबालें और उसमें भीगे हुए चावल डालें।
- धीमी आंच पर दूध को गाढ़ा होने तक पकाएँ, बीच-बीच में चलाते रहें ताकि नीचे ना लगे।
- जब चावल अच्छी तरह गल जाए, तो गैस बंद कर दें और थोड़ा ठंडा होने दें।
- अब इसमें कुटा हुआ गुड़ डालें (ध्यान रहे – दूध बहुत गरम ना हो, वरना फट जाएगा)।
- इलायची पाउडर और घी डालकर अच्छी तरह मिलाएँ।
- ऊपर से ड्राई फ्रूट्स डालें और इसे प्रसाद के रूप में अर्पित करें।
पारंपरिक परोसने का तरीका:
- इसे ठंडी मिट्टी की कुल्हड़ या पत्तल में परोसा जाता है।
- सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद इसे प्रसाद के रूप में परिवार और पड़ोसियों में बाँटा जाता है।
धार्मिक मान्यता

मान्यता है कि गुड़ वाली खीर सूर्य देव को अर्पित करने से घर में समृद्धि, स्वास्थ्य और ऊर्जा आती है। यह खीर न सिर्फ स्वादिष्ट होती है बल्कि पोषक तत्वों से भी भरपूर है।
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